• aspirated consonant | |
महाप्राण: aspirate spiritus aspirated | |
व्यंजन: consonant preparation dish food | |
महाप्राण व्यंजन अंग्रेज़ी में
[ mahapran vyamjan ]
महाप्राण व्यंजन उदाहरण वाक्य
उदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- कुछ भाषाएँ हैं, जैसे के तमिल, जिनमें महाप्राण व्यंजन होते ही नहीं और कुछ भाषाएँ ऐसी भी हैं जिनमें महाप्राण और अल्पप्राण व्यंजन दोनों प्रयोग तो होतें हैं लेकिन बोलने वालों को दोनों एक से प्रतीत होतें हैं, जैसे की अंग्रेज़ी।
- कुछ भाषाएँ हैं, जैसे के तमिल, जिनमें महाप्राण व्यंजन होते ही नहीं और कुछ भाषाएँ ऐसी भी हैं जिनमें महाप्राण और अल्पप्राण व्यंजन दोनों प्रयोग तो होतें हैं लेकिन बोलने वालों को दोनों एक से प्रतीत होतें हैं, जैसे की अंग्रेज़ी।
- ज़्यादातर हिद-आर्य भाषाओँ में महाप्राण व्यंजनों को वायु-प्रवाह के साथ बोला जाता है, जैसे की महाप्राण व्यंजन 'ख' को मुंह से वायु-प्रवाह से बोला जाता है जबकि उसके मिलते हुए अल्पप्राण व्यंजन 'क' को बहुत कम वायु-प्रवाह के साथ बोला जाता है.
- ज़्यादातर हिद-आर्य भाषाओं में महाप्राण व्यंजनों को वायु-प्रवाह के साथ बोला जाता है, जैसे की महाप्राण व्यंजन 'ख' को मुंह से वायु-प्रवाह से बोला जाता है जबकि उसके मिलते हुए अल्पप्राण व्यंजन 'क' को बहुत कम वायु-प्रवाह के साथ बोला जाता है।
- कुछ भाषाएँ हैं, जैसे के तमिल, जिनमें महाप्राण व्यंजन होते ही नहीं और कुछ भाषाएँ ऐसी भी हैं जिनमें महाप्राण और अल्पप्राण व्यंजन दोनों प्रयोग तो होतें हैं लेकिन बोलने वालों को दोनों एक से प्रतीत होतें हैं, जैसे की अंग्रेज़ी ।
- कुछ भाषाएँ हैं, जैसे के तमिल, जिनमें महाप्राण व्यंजन होते ही नहीं और कुछ भाषाएँ ऐसी भी हैं जिनमें महाप्राण और अल्पप्राण व्यंजन दोनों प्रयोग तो होतें हैं लेकिन बोलने वालों को दोनों एक से प्रतीत होतें हैं, जैसे की अंग्रेज़ी ।
- भाषाविज्ञान में महाप्राण व्यंजन वह व्यंजन होतें हैं जिन्हें मुख से वायु-प्रवाह के साथ बोला जाता है, जैसे की 'ख', 'घ', 'झ' और 'फ', और अल्पप्राण व्यंजन वह व्यंजन होतें हैं जिन्हें बहुत कम वायु-प्रवाह से बोला जाता है जैसे की 'क', 'ग', 'ज' और 'प'।
- भाषाविज्ञान में महाप्राण व्यंजन वह व्यंजन होतें हैं जिन्हें मुख से वायु-प्रवाह के साथ बोला जाता है, जैसे की 'ख', 'घ', 'झ' और 'फ', और अल्पप्राण व्यंजन वह व्यंजन होतें हैं जिन्हें बहुत कम वायु-प्रवाह से बोला जाता है जैसे की 'क', 'ग', 'ज' और 'प'।
- भाषाविज्ञान में महाप्राण व्यंजन वह व्यंजन होतें हैं जिन्हें मुख से वायु-प्रवाह के साथ बोला जाता है, जैसे की ' ख ', ' घ ', ' झ ' और ' फ ', और अल्पप्राण व्यंजन वह व्यंजन होतें हैं जिन्हें बहुत कम वायु-प्रवाह से बोला जाता है जैसे की ' क ', ' ग ', ' ज ' और ' प ' ।